
रिपोर्ट- प्रभु रंसोरे(खरगोन) म.प्र.
राजनितिक ताकत के दम पर कलेक्टर आदेश की खुली आवेहलना
कड़ाके की ठंड में भी अल सुबह चल रहीं कोचिंगें, ठिठुरते छात्र–छात्राएं हो रहे परेशान
खरगोन/करही– नगर में इन दिनों शीतलहर व कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। सुबह अल सुबह तापमान काफी नीचे पहुंच जाता है, इसके बावजूद अधिकांश निजी कोचिंग संस्थाएं सुबह 6 से 6:30 बजे से ही कक्षाएं संचालित कर रही हैं। ऐसे में भारी ठंड के बीच बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएं घरों से निकलकर कोचिंग पहुंचते नजर आ रहे हैं। ठिठुरन भरी सर्दी में कई विद्यार्थी पैदल व दोपहिया वाहनों से कोचिंग के लिए मजबूरन निकलते हैं। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को भी तय समय पर पहुंचने के लिए कड़ाके की ठंड में घर से निकलना पड़ रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। पालकों का कहना है कि कोचिंग संचालक मौसम की परवाह किए बिना अल सुबह कक्षाएं शुरू कर देते हैं। यदि वे इसका विरोध करते हैं तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का डर बना रहता है, इसलिए मजबूरी में कुछ कह नहीं पाते। वहीं स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इतनी भीषण ठंड में बच्चों को सुबह-सुबह बुलाना गैरजिम्मेदारी है और ऐसे कोचिंग संचालकों पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
रजिस्ट्रेशन पर भी उठे सवाल
नगर में संचालित कई कोचिंग संस्थाएं शासकीय रूप से पंजीकृत हैं या नहीं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। यदि बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग संचालित की जा रही हैं तो यह गंभीर लापरवाही है। नियमों के अनुसार बिना शासकीय अनुमति किसी भी शैक्षणिक संस्था या कोचिंग सेंटर का संचालन प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कई कोचिंग धड़ल्ले से चल रही हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर की सभी कोचिंग संस्थाओं का निरीक्षण किया जाए, उनके रजिस्ट्रेशन की जांच की जाए तथा ठंड के मौसम को देखते हुए बच्चों के हित में कोचिंग का समय निर्धारित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।
वहि कोचिंग संचालक से बात करने पर उनके द्वारा किसी भी सवाल का उचित जवाब नहीं देकर गोलमटोल जवाब दिया गया
सबंधित विभाग में ब्लाक शिक्षा अधिकारी रामलाल चौहान जी से फोन पर बात की गयि तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया की ये नहीं देखता हु जिला शिक्षा आदिकारी मोहदय के अंडर में आता है जब जिला शिक्षा आदिकारी मोहदय् से संपर्क करके सूचित किया तो उन्होंने बात को टालते हुए कहा की प्राइवेट कोचिंग में नहीं सहायक आयुक्त मोहदय के अंडर आता है वहा भी ऐसा हि जवाब मिला ।
यहाँ सवाल यह पैदा होता है की प्रशासन की मिली भगत है या कोई राजनीतिक दबाव
कोई कार्यवाही होती है या युही अवैध कोचिंग संचालित होती रहेगी।